छत्तीसगढ़ में पहला राइट टू रिकॉल के लिए जारी मतदान

कोटा:- छत्तीसगढ़ में संभाग के पहले राइट टू रिकॉल की प्रक्रिया बिलासपुर जिले की रतनपुर नगरपालिका में पूरी की जा रही है। रतनपुर नगरपालिका अध्यक्ष को वापस बुलाने के लिए मतदान जारी । 17,400 मतदाताओं द्वारा सुबह 8 से शाम 5 बजे तक मतदान किया जाएगा । 3 जनवरी को सुबह 8 बजे से शहीद नूतन सोनी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रतनपुर में मतगणना होगी। इस दौरान शासकीय शराब दुकानें 31 दिसंबर और 3 जनवरी को बंद रहेंगी।

नगर पालिका के मतदाता खाली और भरी कुर्सी में अपना मतदान करेंगे। चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर कोटा एसडीएम कीर्तिमान सिंह राठौर ने बताया कि 31 दिसम्बर को ईवीएम के माध्यम से चुनाव होना है। इसके लिए 30 ईवीएम मंगाई गई हैं। उन्होंने बताया कि चुनाव चिह्न खाली कुर्सी और भरी कुर्सी होगा। भरी कुर्सी पर ज्यादा मत पड़े तो नगर पालिका अध्यक्ष कुर्सी में बनी रहेंगी। यदि खाली कुर्सी पर ज्यादा मत पड़े तो अध्यक्ष को कुर्सी छोडऩी होगी। तब आयोग दूसरे चरण में अध्यक्ष पद के लिए उपचुनाव कराएगा। बता दें कि रतनपुर नगरपालिका परिषद में आशा सूर्यवंशी अध्यक्ष हैं। वे कांग्रेस पार्टी से अध्यक्ष हैं। परिषद में सात कांग्रेस और सात भाजपा और एक निर्दलीय पार्षद हैं। भाजपा के असंतुष्ट पार्षदों ने आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने कलेक्टर से मांग की थी। कलेक्टर ने इसे राज्य शासन को समुचित कार्रवाई के लिए भेजा था। मंजूरी मिलते ही राइट टू रिकॉल की प्रक्रिया शुरू की गई।

क्या है राइट टू रिकॉल?

छत्तीसगढ़ में किसी प्रतिनिधि के लोकतांत्रिक निर्वाचन प्रणाली से चुने जाने के बाद उसे हटाने या न हटाने का फैसला करने के लिए मतदान करने का यह पहला मामला है। इस प्रक्रिया को राइट-टू-रिकॉल कहते हैं। इसका मतलब चुने हुए प्रतिनिधि को पद से हटाना होता है। इससे संबंधित बिल पहली बार 1974 में सीके चंद्रप्पन ने लोकसभा में पेश किया था। इसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने इसका समर्थन किया था। भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने भी राइट टू रिकॉल और राइट टू रिजेक्ट की मांग की थी। भाजपा सांसद वरुण गांधी ने जनप्रतिनिधित्व विधेयक (संशोधन), 2016 लोकसभा में पेश किया था।

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