सक्ती विधानसभा से चरणदास महंत अकलतरा से ऋचा जोगी के लड़ने के स्पष्ट संकेत 

पूरे जिले में टिकट वितरण की बन रही नयी रणनीति 

जांजगीर चांपा विधानसभा में भी होगा निर्णायक असर

जिले की सियासत में तितली तूफान सा असर दिखने लगा है | आभास – कयास के बादल और भी घने होने लगे हैं | कईयों के राजनीतिक भविष्य पर तुषारापात तो कई नये कोपलों के खिलने की संभावना – आशंका व्यक्त हो रही है | चौक चौराहों दफ्तरों और चौपाल पर एक यही चर्चा सब कर रहे हैं |

पिछले तीन दिनों में मंद गति से चल रही सियासी बयार चक्रवात की तरह उठापटक कर रही है | प्रदेश में व्याप्त तोड़-फोड़ और जोड़ – तोड़ का असर दिखने लगा है और बढ़ने की आशंका है | ये सारा माहौल तीन नामों के आने के बाद से बदल गया है | इनमें पहला नाम कांग्रेस के कद्दावर नेता चरणदास महंत का है जिनकी सक्ती में बढ़ी सक्रियता उनके लोकसभा से विधानसभा में आने के संकेतों पर मुहर लगाती दिख रही है | सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने सक्ती से नाम तय कर दिया है और यह जिले में एकमात्र नाम है जिसे कांग्रेस ने तय किया है | हांलाकि इस बात से भी इंकार नहीं किया जा रहा है कि सपत्नीक सक्रिय डॉ महंत कई और भी संकेत दे रहे हैं | वे पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची में हैं , चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हैं इसलिए पूरे प्रदेश में कांग्रेस की सरकार के लिए दौरे पर रहेंगे |ऐसे में किसी निकटतम सदस्य को भी चुनाव में उतारा जा सकता है | लेकिन यह तय है कि डॉ महंत के दो दशक बाद यहां आने से जिले की राजनीति में परिवर्तन होने वाला है | इसका सीधा असर टिकट बंटवारे पर दिख सकता है जहां दो ओबीसी विधायक पहले ही मौजूद हैं |कांग्रेस लगातार छ में चार ओबीसी टिकट देती रही है | इसमें बदलाव हो सकता है |

दूसरा नाम जोगी परिवार से ऋचा जोगी का है| जे सी सी जे और बसपा के सूत्रों की माने तो ऋचा बसपा की सदस्यता ले चुकी हैं और अकलतरा से प्रत्याशी होंगी| बताया जा रहा है कि बसपा से तैयारी कर रहे विनोद शर्मा और उनके समर्थकों ने इस्तीफा दे दिया है हालांकि इसकी पुष्टि नही हुई है |इस पर फैसला लखनऊ से होने की बात की जा रही है | अब बसपा की दो सीटों पर जोगी के करीबी तय हो रहे हैं यानि जोगी जिले की तीन सीटों अकलतरा चंद्रपुर और पामगढ़ में पूरी ताकत लगायेंगे |इस ताकत को बढ़ाने के लिए शेष तीन सीटों को अंतिम समय पर आए असंतुष्ट और बड़े नेताओं के लिए चारे के तौर पर भी इस्तेमाल हो सकता है |

इन दोनों नामों के आने से जिले में पहले से ही कार्यकर्ताओं के आक्रोश से जूझ रही भाजपा में टिकट को लेकर नये समीकरण बन रहे हैं | अंदाजा यह है कि सक्ती, जैजैपुर और अकलतरा में ओबीसी को प्राथमिकता दी जायेगी ताकि जोगी-बसपा युति के असर को कम किया जा सके, ऋचा की आमद कल्याणी साहू के लिए शुभ अवसर ले आई है जबकि चंद्रपुर में  अगर संयोगिता जूदेव आती हैं तो पामगढ़ में अंबेश को राहत मिल सकती है |तब जिला मुख्यालय से सामान्य वर्ग की आशाएं बढ़ जाती है |इसी में तीसरा नाम नवागढ़ जनपद अध्यक्ष पुष्पेन्द्र सिंह का तेजी से उभर रहा है | जिले की मुख्यालय की सीट में  सामान्य उम्मीदवार के नाम की चर्चा नये सियासी संकेत भी दे रही है | भूपेश के असर और बसपा से भी कुर्मी प्रत्याशी की संभावना के कारण यह हो भी सकता है | हालांकि पुष्पेन्द्र के अलावा अमर भी रेस में हैं पर यह नाम जिले के सियासी समीकरण से ज्यादा  प्रदेश पर निर्भर करेगा|

डॉ महंत और ऋचा जोगी के आने से चुनाव दिलचस्प और हाईप्रोफाइल हो जाएगा | उससे ज्यादा महत्वपूर्ण टिकट वितरण हो गया है क्योंकि जिले में एससी और ओबीसी दबदबे के बीच सामान्य वर्ग निर्णायक भूमिका में आ जायेगा | कांग्रेस भले ही चूक जाए पर भाजपा इस वोटबैंक को नाराज करने का खतरा शायद ही ले तब तो और जबकि बसपा भी विनोद शर्मा की भरपाई के लिए मुख्यालय में आयातित बड़े चेहरे से इंकार भी नहीं कर रही है | अगले पखवाड़े तक सभी छ विधानसभा में टिकट वितरण के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा कि दलों की असल रणनीति क्या है…

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