नई मतदाता सूची के मुताबिक जिले में मतदाताओं की संख्या 12 लाख 38 हजार 613  
 पुरूष मतदाताओं की संख्या 6 लाख 33 हजार 763 
महिला मतदाताओं की संख्या 6 लाख 4 हजार 850 है
सक्ती और जैजैपुर के अलावा सभी विधानसभाओं में नेत्रियों ने खम ठोंक रखा है
कांग्रेस में जिले का नेतृत्व, जोगी कांग्रेस में घोषित उम्मीदवार हैं महिलाएं

पिंक बूथ ने जिले में नयी बहस को जन्म दिया है जिसने राजनीतिक दलों और दावेदारों की धड़कनें बढ़ा दी हैं साथ ही आधी आबादी के राजनीतिक परवान को पंख भी दे दिए हैं |

इस जिले में महिला एवं पुरुष मतदाताओं की संख्या में 29 हजार का बेहद मामूली अंतर है | लेकिन जिले की विधानसभाओं में महिला विधायक की संख्या का उल्लेख किया जाए तो आंकडा है ” शून्य “…..

क्या ऐसा है कि टिकट वितरण में पार्टियां कोताही बरतती है? पर  नारी शक्ति मतदान का प्रतिशत पुरुषों के मुकाबले एक या दो प्रतिशत कम ही होता है कहीं कहीं तो ज्यादा भी इसके बाद भी विधायक के रुप में महिलाओं की सफलता का प्रतिशत भी शून्य जैसा ही है |

इस बार भी जिले की एक दो विधानसभा को छोड़कर सभी में महिला वर्ग से दमदार उम्मीदवारी की जा रही है | आश्चर्यजनक रुप से किसी पार्टी द्वारा अधिकृत रुप से घोषित पहला प्रत्याशी होने का अवसर भी महिला वर्ग से गीतांजलि पटेल को मिला | लेकिन राजनीतिक बिसात पर मोहरे सजाते खिलाड़ियों की कूटनीतिक चाल से वह अवसर भी आशंका से घिर गया है | इसे सक्षम नेतृत्व के प्रति शापित हिंसा मानी जाए या राजनीति के बलिवेदी पर शक्ति के दाह की प्रक्रिया| अंततोगत्वा क्षेत्र की आधी आबादी के लिए प्रतिनिधित्व पर प्रश्नचिन्ह तो लग ही गया है |

इसके बावजूद जूझने और अंत तक ना हारने का माद्दा रखने वाली मातृशक्ति अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराने में सफल हो रही है क्योंकि सभी राजनीतिक दलों की टिकट वितरण प्रक्रिया में दावेदारों की सूची में इनका नाम शीर्ष पर मौजूद है | एक एक कर जिले की विधानसभा में इस दमदार उपस्थिति की  चर्चा जरुरी है

पामगढ़ में शेष का राज या कमला का कमल

पामगढ विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 1 लाख 94 हजार 329 है, जिसमें पुरूष मतदाता 1 लाख 814 एवं महिला मतदाताओं की संख्या 93 हजार 515 है। पिछले चुनावों में शेषराज हरवंश ने बहुत कम राजनीतिक सक्रियता की पृष्ठभूमि के बावजूद दमदार उपस्थिति दर्ज कराई थी | परिणामों के विश्लेषण तो यहां तक इंगित करते हैं कि गर अंतिम समय में भीतरघात काबू में आ जाता तो भाजपा के बजाय रिकार्ड कांग्रेस बना सकती थी | 2008 में पामगढ़ का मतदान सर्वाधिक चर्चित में से एक रहा था |इस बार भी लगभग सभी दलों में वो ज्ञात अकेली महिला दावेदार हैं |इस बार वो संगठन और वोटों के गणित दोनों में अनुभवी भी हैं | भाजपा भी सांसद कमला पाटले को पामगढ़ के रण में उतार सकती है | इस बार लोकसभा में इंटरचेंज देखने को मिल सकता है | इस बात की सुगबुगाहट लगातार बनी हुई है | अगर ऐसा हुआ तो शेषराज और कमला देवी बसपा के प्रत्याशी को कड़ी प्रतिस्पर्धा में डाल कर कोई भी उलटफेर कर सकती हैं

गीतांजलि या रश्मि या संयोगिता 

 चन्द्रपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 2 लाख 14 हजार 536 है, जिसमें पुरूष मतदाता 1 लाख 7 हजार 857 एवं महिला मतदाताओं की संख्या 1 लाख 6 हजार 679 है।अगर देखा जाए तो सबसे तगड़ी उपस्थिति मातृशक्ति यहीं दे रही है | रश्मि गबेल जिला कांग्रेस की अध्यक्षता कर रहीं हैं, गीतांजलि पटेल घोषित प्रत्याशी भी हैं और अपनी पार्टी की अध्यक्ष भी रही हैं | भाजपा से भी संयोगिता जूदेव की संभावना बन रही है | जोगी – मायावती गठबंधन के बाद भी गीतांजलि पटेल के प्रत्याशी होने की प्रबल संभावना है क्योंकि यह मामूली एडजस्टमेंट की बात है | कांग्रेस भी इस सीट पर महिला वर्ग को प्राथमिकता दे तो आश्चर्य नहीं होगा | यहां शक्ति मतदाताओं की संख्या से स्पष्ट है कि महिलाएं लगभग बराबरी पर खड़ी हैं |

अकलतरा का गृहयुद्ध

 

अकलतरा विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 2 लाख 2 हजार 672 है, जिसमें पुरूष मतदाता 1 लाख 4 हजार 222 एवं महिला मतदाताओं की संख्या 98 हजार 450 है। अकलतरा में प्रमुख राजनीतिक दल सशक्त नेत्रियों की दमदार उपस्थिति से गृहयुद्ध की कगार पर हैं | अपनी राजनीतिक जागरूकता के लिए विख्यात इस विधानसभा ने प्रत्याशी चयन में चूक होने पर सभी दलों को आइना दिखाया है, इस बार भी माहौल यही है जबकि पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष मंजू सिंह सहित राजनीति विरासत वाले परिवारों से महिला उम्मीदवारों के नाम सामने आ रहे हैं, इससे वर्तमान विधायक को कड़ी चुनौती मिल रही है यह कांग्रेस का गृहयुद्ध है| भाजपा में कल्याणी साहू ने अचानक खलबली मचा दी है, चुनावी रणनीति में पकड और सूझबूझ के साथ सधी चालों से भाजपा के आला नेताओं तक अपनी दावेदारी जता दी गई है इससे लगभग तय माने जा रहे प्रत्याशी को भी नये समीकरण बनाने पड़ रहे हैं | वहीं जोगी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने आलाकमान पर दबाव बना दिया है कि यह सीट बसपा से वापस ली जाए क्योंकि यहां से जीत के अवसर सुनहरे हैं, इसी के चलते ऋचा जोगी यहां से प्रत्याशी हों संभावित हैं | बताया जा रहा कि लोकसभा की तीन विधानसभा कसडोल चंद्रपुर और अकलतरा  जोगी कांग्रेस अपने बंटवारे में वापस ले रहा है | यानि यहां के सभी दलों की अंदरुनी राजनीति में महिला उम्मीदवारों ने भूचाल मचा रखा है |

जांजगीर चांपा में नंदिनी और शशि 

जांजगीर-चाम्पा विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 2 लाख 2 हजार 827 है, जिसमें पुरूष मतदाता 1 लाख 4 हजार 77 एवं महिला मतदाताओं की संख्या 98 हजार 750 है। यहां परंपरागत प्रत्याशियों का तिलिस्म तोड़ने के लिए महिला उम्मीदवारों ने कमर कसी है | इस सीट पर भाजपा से नंदनी राजवाड़े अचानक सबसे आगे निकल गई हैं | चुनावी अनुभव, जातीय समीकरण और शहरी ग्रामीण मतदाताओं तक पहुंच ने इनको संभावित उम्मीदवारों में सशक्त बना दिया है इसके अलावा पार्टी की अंदरुनी हलकों में व्यापक पहुंच इनकी विशेषताओं को आला नेताओं तक पहुंचाने में समर्थ है | दूसरी ओर कांग्रेस में शशिकांता राठौर और ज्योति किशन कश्यप भी दौड़ में हैं |शशिकांता राठौर के लिए कभी भी अवसर आ सकता है इसकी पूरी संभावना है | दशक भर पहले पामगढ़ से नाम कटने की कसर इस बार पूरी हो सकती है | जिला पंचायत से राजनीतिक गलियारे में नमूदार ज्योति किशन भाजपा के जातीय समीकरण को काटने के लिए तैयार है| उनके पास जिप सदस्य के रुप में जबरदस्त और असंभव जीत की ताकत भी है |

अन्य विधानसभाओं में सक्ती विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 1 लाख 96 हजार 724 है, जिसमें पुरूष मतदाता 1 लाख 391 एवं महिला मतदाताओं की संख्या 96 हजार 333 है। जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 2 लाख 27 हजार 525 है, जिसमें पुरूष मतदाता 1 लाख 16 हजार 402 एवं महिला मतदाताओं की संख्या 1 लाख 11 हजार 123 है।  अभी तक इन दोनों ही विधानसभाओं से उम्मीदवार के रूप में नाम नहीं उभरा बावजूद इसके कि सरोजा राठौर सक्ती से चुनी गई थी | इसका कारण यह भी है कि यहां से बड़े नामों की प्रतिच्छाया है |

हालात यह है कि मातृशक्ति मतदाता संख्या के हिसाब से शून्य के लायक तो हरगिज नहीं है |पिंक बूथ शायद इस शून्य को हटाकर सशक्त और सक्षम नेतृत्व आधी आबादी को दिलाने का माहौल बना सके तो जिले की राजनीति में मिनीमाता से आरंभ होकर कमला देवी पाटले तक आए इतिहास में नये पन्ने बनाये जा सकते हैं |

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