सतर्क रहने की जरूरत, फेक मैसेज डिजिटल क्रांति का ही साइड इफेक्ट है

 

इन दिनों ये संदेश लोगों की परेशानी का सबब बना हुआ है जिसमें केन्द्र की योजना के नाम और मोदी की लोकप्रियता का फायदा उठाने के लिए फर्जी मैसेज वायरल करने की कोशिश की जा रही है | इस संदेश में कहा  गया है कि – प्रधानमंत्री  द्वारा 1 से 18 साल की बालिकाओं को निःशुल्क 10 हजार रुपये का चेक दिया जा रहा है,बालिकाओं के भविष्य के लिए इस योजना को चालू किया गया है,आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 अगस्त है तो जल्दी करें और इस मैसेज को अपने सभी दोस्तों को भेजें ताकि इस योजना का लाभ सभी को मिल सके

आवेदन करने के लिए मैसेज में एक लिंक http://sukanya-yojna.m-indian-gov.in दिया गया है.

 

फर्जी मैसेज

पड़ताल में ये मैसेज फेक पाया जा रहा  है,फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों की मासूमियत और तकनीकी में कम जानकारी का फायदा उठाकर पैसे कमाने का प्रयास है | ऐसे मैसेज से सावधान रहने की जरूरत है वाट्सएप में तेजी से मैसेज वायरल हो रहा है जिस पर तीन संदेश लिखे हैं. पहला, ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और दूसरा ‘प्रधानमंत्री सुकन्या समृद्धि योजना’. इन दो संदेशों के अलावा तीसरे संदेश में निशुल्क चेक देने की बात कही गयी है |

यह पूरे देश के विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से वायरल हुआ जिसके बाद इसकी सच्चाई की जांच शुरु हुई, पता चला कि लिंक को क्लिक करने पर एक पेज खुलता है जिसमें हितग्राही के संबंधित जानकारी मांगी जाती है | जानकारी देने के बाद क्लिक करने पर खुलने वाले पेज में इसे 10 वाट्सएप ग्रुप में वायरल करने को कहा जाता है  दरअसल सारा खेल इसी का है |

वेवपेज

वेबसाइट के जरिए ठगी का ये फर्जीवाड़ा तेजी से फैल रहा है. इसमें आम जनता को लुभाने के लिए  फ्री या सस्ता देने का लालच दिया जाता है, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग वेबसाइट के लिंक पर क्लिक करते हैं | वेबसाइट पर हिट की संख्या बढ़ने  से “गूगल एडसेंस” के जरिए वेबसाइट पर विज्ञापन के बैनर आने लगते हैं और उससे फेक वेबसाइट बनाने वाले बैठे बिठाए ढेर सारा पैसा कमा लेते हैं.

इस वायरल मैसेज में भी इसी तरह अपील की गई है, इस मैसेज को 10 ग्रुप में भेजें ताकि इस योजना का लाभ सभी को मिल सके, और  बिना जांचे परखे लोग इसे वाट्सअप के साथ अपनी फेसबुक वॉल  पर भी शेयर कर रहे हैं|

वेबसाइट के दाएं नीचे कोने में  में About Us का ऑप्शन दिया गया है जिसमें स्पष्ट किया गया है कि वेबसाइट सरकार से जुड़ी हुई नहीं है | इससे साफ हो जाता है कि सरकार की ऐसी कोई योजना है ही नहीं,

प्रधानमंत्री  की तस्वीर, केंद्र सरकार की योजनाओं के नाम और वेबसाइट के  में gov.in का इस्तेमाल सिर्फ लोगों को भ्रमित करने के लिए किया गया है, इसके अलावा वेबसाइट पर कन्या का नाम, आवेदक का नाम, उम्र और  राज्य के बारे में जानकारी मांगी गई है. इस जानकारी के अलावा पता , मोबाइल नंबर  ईमेल एड्रेस मांगा नहीं गया है, यानि हितग्राही तक सहायता या लाभ पहुंच पाना संंभव नहीं है

ऐसे मैसेज से सावधान रहना और वायरल करने से बचना बेहद जरूरी है

 

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